देवासी दर्पण हिन्दी वार्षिक पत्रिका में आप पढेंगे आज तक कितने राजकीय कर्मचारी बनें और समाज ने कितनी तरक्की की साथ ही यह भी जानेंगे की अपनो को और कितनी तरक्की की जरूरत हैं ! देवासी समाज को एकजुट होने क़ि आज की महती जरुरत है और शिक्षा की कमी को दूर करने के लिए शिक्षित लोग आगे आए ?

Saturday, September 18, 2010

रेबारी समुदाय के लोगों का देवझूलनी एकादशी की रात को सारणेश्वर में राज रहता है।

सिरोही। जिलेभर में देवझूलनी एकादशी पर रेवाडियां निकाली गई। जिला मुख्यालय पर पैलेस रोड स्थित पद्मनाथ मंदिर से शाम पांच बजे पूर्व नरेश रघुवीरसिंह देवडा पालकी उठाकर लाखेराव तालाब की ओर प्रस्थान किया। पद्मजी मंदिर के पुजारी इंदर वैष्णव ने बताया कि इनके पीछे कई पालकियां चली। सैंकडों की तादाद में रेबारी समुदाय के लोग इस रेवाडी में भूरिया बाबा की जयकार करते हुए चले। गोपालजी मंदिर में भी रघुवीरसिंह ने पूजा अर्चना की। लाखेराव तालाब पर पहुंचने पर पालकी में विराजित भगवान की पूजा की गई। वहां से पालकी फिर से राजमहल पहुंची। शेष पालकियां भी अपने-अपने स्थान को निकली।शहर के दक्षिणी मेघवालवास से अपराह्न पालकी निकाली गई जो शहर के बस स्टैण्ड, आयुर्वेदिक चिकित्सालय, नीलमणी चौक, पैलेस रोड होते हुए रामदेव मंदिर पहुची। वहीं उत्तरी मेघवालवास की ओर से भी पालकी का निकाली गई जो नयावास घांचीवाडा, सौनारवाडा, सदर बाजार, सरजावाव दरवाजा, राजमाता धर्मशाला मार्ग होते हुए रामदेव मंदिर पहुंची जहा मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया गया। नयावास के सैनिकवास से भी पालकी का आयोजन किया गया।
डीजे पर थिरके युवक युवतियां
शहर में तीनों पालकियों में डीजे के री-मिक्स धुनों पर युवक युवतिया नृत्य करते नजर आए। इन शोभायात्राओं में युवतियां विशेष परिधानों में सजधज कर पालकी की शोभा बढा रही थी।
रेबारी समुदाय का रहा जमावडा
ऎसे में शहर में दोपहर में रेबारी समुदाय के युवक-युवतियों का जमावडा रहा। लडकी के साथ अभद्रता करने पर एक युवक को रेबारी युवकों ने धुनाई की। वहीं कई युवकों ने रास्ते में पडी मोटरसाइकिलों को भी अपनी लाठी से नुकसान पहुंचाया।