देवासी दर्पण हिन्दी वार्षिक पत्रिका में आप पढेंगे आज तक कितने राजकीय कर्मचारी बनें और समाज ने कितनी तरक्की की साथ ही यह भी जानेंगे की अपनो को और कितनी तरक्की की जरूरत हैं ! देवासी समाज को एकजुट होने क़ि आज की महती जरुरत है और शिक्षा की कमी को दूर करने के लिए शिक्षित लोग आगे आए ?

Saturday, March 6, 2010

अठारह भेडों की मौत

 लुणावा। कोटबालियान गांव में जहरीली फलियां खाने से बुधवार शाम 18 भेडों की मौत हो गई। कोटबालियान निवासी अम्बाराम व जगाराम देवासी की भेडें चरने के लिए खेतों की ओर गई थी। वहां पर विषाक्त फलियां खाने से भेडों के पेट फूल गए और उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में 18 भेडों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर बाली पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सा प्रभारी डॉ. पूनाराम पालीवाल दल के साथ मौके पर पहुंचे। पोस्टमार्टम करने पर जहरीली फलियां खाने से भेडों के मरने की पुष्टि हुई। मरने वाली भेडों में अम्बाराम की छह तथा जगाराम देवासी की 12 भेडें थीं। पशुपालकों के मुताबिक उन्होंने अपनी भेडों का बीमा करवा रखा था, लेकिन बीमा करने वाले स्वयंसेवी संस्थान का कोई अता-पता भी नहीं है।
भेडों में कोई बीमारी नहीं थी। हमारी रिपोर्ट में इन भेडों की मौत जहरीली फलियां खाने से होने की पुष्टि हुई है।
- डॉ. पूनाराम पालीवाल पशु चिकित्सा प्रभारी, बाली
इन भेडों का बीमा किसी स्वयंसेवी संस्थान ने किया था, लेकिन अब उसका अता-पता भी नहीं है। हम मुआवजा राशि दिलाने के लिए प्रयास करेंगे
- अल्ताफ खान, सरपंच, कोटबालियान